गोपेश्वर (चमोली)। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को हटाए जाने की मांग तेजी के साथ उठने लगी है। इसको लेकर नगरवासियों ने रविवार को एक बैठक कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रस्तावित गोपेश्वर दौरे के दौरान मामले को उनके सम्मुख रखने का निर्णय लिया।
नगरपालिका क्षेत्र गोपेश्वर क्षेत्रातंर्गत प्राधिकरण को हटाए जाने को लेकर काफी समय से नगरवासी आंदोलनरत है। इसी परिप्रेक्ष्य में रविवार को गोपेश्वर में नगरवासियों बैठक में व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद जोशी, नवल भट्ट, ऊषा रावत, शांति प्रसाद भट्ट, कमल किशोर डिमरी, बसंती देवी, मनीष नेगी ने कहा कि गोपेश्वर नगरवासियों के हितों की रक्षा के लिए नगर क्षेत्र से प्राधिकारण हटाया जाना जरूरी है।
वक्ताओं ने गोपीनाथ मंदिर के आसपास लागू पुरातत्व विभाग के जटिल नियमों में भी व्यावहारिक शिथिलता दिए जाने की वकालत की। कहा कि इससे लोगों को अपनी भूमि पर निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों में अनावश्यक परेशानी से निजात मिल सकेगी। उनका कहना था कि 15 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री नगरवासियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। कहा कि यदि सरकार इस समस्या का समाधान की ओर बढ़ती है तो नगरवासी मुख्यमंत्री के जोरदार आगवानी करेंगे। मांग की अनदेखी होने पर नगरवासी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध भी दर्ज करेंगे। कमल किशोर डिमरी ने कहा कि यदि प्राधिकारण और वर्तमान नियमों की स्थिति बनी रही तो नगरवासियों का अपनी भूमि पर निर्माण करने का अधिकार प्रभावित होगा। इसका खामियाजा हर परिवार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सभी नगरवासियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उनका यह भी कहना था कि पहाड़ों में प्राधिकरण के नियमों की कठोरता के चलते मकानों को बनाना मुश्किल हो गया है। जो लोग पहाड़ों में ही बसागत करना चाहते है उनके सामने एक अदद मकान बनाने की समस्या खड़ी हो रही है। इसलिए पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए सरकार को सकारात्मक कदम उठाने होंगे।
इस दौरान उषा फरस्वाण, मुकुल बिष्ट, ललित बिष्ट, हरि प्रसाद मामगाई, योगेंद्र सिंह बिष्ट, महेंद्र नेगी, अनीता देवी, लीला रावत, हरेंद्र सिंह बिष्ट, विजय दीप, राकेश बिष्ट, प्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।