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शंख पर सतपाल महाराज के बयान से गरमाई बदरीनाथ की सियासत

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  • गौरव फरस्वाण ने उठाए सवाल, धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में संयम बरतने की अपील

गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब शंख को लेकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के बयान पर पहुंच गया है। महाराज ने कहा था कि बदरीनाथ मंदिर में शंख नहीं बजाया जाता और इसके पीछे एक धार्मिक मान्यता है। उनके बयान पर कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायत संगठन के प्रदेश महासचिव गौरव फरस्वाण ने सवाल उठाए हैं।

प्रदेश महासचिव फरस्वाण ने कहा कि बदरीनाथ नारायण क्षेत्र सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक बयान देते समय विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में शंख का धार्मिक महत्व है और पूजा-अर्चना में इसका इस्तेमाल होता है। उन्होंने महाराज के बयान पर कहा कि धार्मिक मान्यताओं से जुड़े विषयों को राजनीतिक बहस का मुद्दा बनाने के बजाय परंपरा और तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए। फर्स्वाण ने भाजपा की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए मामले में स्पष्टता की मांग की।

दरअसल, बदरीनाथ में 19 और 20 सितंबर को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद धाम की मर्यादा को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसी दौरान शंख वादन की परंपरा को लेकर महाराज का बयान सामने आया। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों और कांग्रेस नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई।

फरस्वाण ने कहा कि बदरीनाथ जैसे धार्मिक क्षेत्र में आस्था से जुड़े विषयों पर बयानबाजी में संयम और जिम्मेदारी जरूरी है। शंख को लेकर सामने आए बयान ने अब बदरीनाथ में धार्मिक परंपरा और राजनीति के बीच बहस को और तेज कर दिया है।