- 75 युवाओं को जापान, 30 को सऊदी अरब और एक को जर्मनी में मिला रोजगार; उत्तरकाशी और टिहरी में भी खुलेंगे विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र
देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसरों तक पहुंच बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत अब तक 106 युवा नौकरी हासिल कर चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर संचालित इस योजना के माध्यम से युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में जर्मन और जापानी भाषा के 158 प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं, जबकि उत्तरकाशी और टिहरी में भी जल्द विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र खोलने की तैयारी है।
जापान में 75, सऊदी अरब में 30 युवाओं को रोजगार
योजना के तहत विदेश में रोजगार पाने वाले 106 युवाओं में 75 जापान, 30 सऊदी अरब और एक जर्मनी में कार्यरत है। ये युवा हेल्थ, हॉस्पिटैलिटी और अन्य क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को विदेशी भाषा के साथ जरूरी कौशल का प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
मई 2023 में मिली थी योजना को मंजूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर मई 2023 में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके क्रियान्वयन के लिए कौशल एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ गठित किया गया। योजना के तहत युवाओं को विदेशी भाषाओं में दक्ष बनाने और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
तीन और देशों में रोजगार की संभावनाएं तलाशेगी सरकार
हाल ही में मुख्यमंत्री की जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा के साथ हुई बैठक में इन देशों में रोजगार की संभावनाओं तथा कुशल मानव संसाधन की जरूरतों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब इन देशों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
विदेशी भाषा और कौशल प्रशिक्षण का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योजना के तहत युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसरों को देखते हुए विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। युवाओं को वैश्विक मांग के अनुसार आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को रोजगार के नए अवसरों की पहचान करने और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के लिए तैयार करने संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
