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उत्तराखण्ड: सोलर पैनल लगाने वालों को बड़ी राहत, अब नहीं काटने पड़ेंगे UPCL दफ्तरों के चक्कर

by badhtauttarakhand
देहरादून : उत्तराखण्ड में घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल कम करने और अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई करने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अब रूफटॉप सोलर लगाने वाले उपभोक्ताओं को पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) और नेट मीटरिंग से जुड़ी कागजी औपचारिकताओं के लिए उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के बिजली दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
 
उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने यूपीसीएल की याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए पीएम सूर्य घर नेशनल पोर्टल पर डिजिटल रूप से स्वीकार किए जाने वाले अनुबंध को कानूनी मान्यता प्रदान कर दी है। इससे सोलर कनेक्शन की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। आयोग के इस फैसले से उन घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिलेगा, जो अपनी छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली की बचत करना चाहते हैं और जरूरत से अधिक उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर उसका वित्तीय लाभ प्राप्त करना चाहते हैं।
 
अब ऑनलाइन डिजिटल एग्रीमेंट ही होगा कानूनी रूप से मान्य
 
पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए उपभोक्ताओं को पहले पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) और नेट मीटरिंग से संबंधित कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं। कई मामलों में इसके लिए यूपीसीएल के संबंधित बिजली उपखंड कार्यालयों में जाकर दस्तावेज जमा करने और अलग से भौतिक अनुबंध कराने की आवश्यकता होती थी। अब उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था की है।
 
आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी की पीठ ने स्पष्ट किया है कि पीएम सूर्य घर नेशनल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के दौरान उपभोक्ता द्वारा डिजिटल रूप से स्वीकार की जाने वाली शर्तें ही उपभोक्ता और यूपीसीएल के बीच बाध्यकारी पावर परचेज एग्रीमेंट मानी जाएंगी। इसका मतलब है कि अब अलग से कागजी पीपीए कराने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल अनुबंध को ही दोनों पक्षों के बीच कानूनी मान्यता प्राप्त रहेगी।
 
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?
 
पीपीए के लिए अलग से कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ेगी।
बिजली उपखंड कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम होंगे।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया अधिक आसान होगी।
दस्तावेजों और अनुबंध से जुड़ी प्रक्रिया में समय की बचत होगी।
सोलर कनेक्शन लेने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी।
मीटर टेस्टिंग का अग्रिम शुल्क खत्म, अब बिजली बिल में जुड़ेगी रकम
उत्तराखंड में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को मीटर टेस्टिंग शुल्क के भुगतान में भी राहत दी गई है।
 
पहले सिंगल फेज कनेक्शन के लिए 200 रुपये और थ्री-फेज कनेक्शन के लिए 300 रुपये मीटर टेस्टिंग शुल्क लिया जाता था। अब आयोग की व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ताओं को आवेदन के समय यह राशि नकद या अग्रिम रूप से जमा नहीं करनी होगी। इसके बजाय रूफटॉप सोलर सिस्टम के ग्रिड से जुड़ने और सुचारू रूप से चालू होने के बाद यह राशि उपभोक्ता के सामान्य बिजली बिल में जोड़कर वसूल की जाएगी। इससे सोलर सिस्टम लगवाने के शुरुआती खर्च और औपचारिकताओं में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
 
 
कनेक्शन का प्रकार मीटर टेस्टिंग शुल्क
सिंगल फेज          ₹200
थ्री-फेज                  ₹300
 
ज्यादा बिजली बनेगी तो यूपीसीएल करेगा भुगतान
 
पीएम सूर्य घर योजना की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक यह है कि उपभोक्ता अपनी जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन होने पर उसे ग्रिड में भेज सकते हैं।
 
उदाहरण के लिए, यदि किसी घर में सोलर पैनल से महीनेभर में 300 यूनिट बिजली पैदा होती है और उस घर में 200 यूनिट बिजली की खपत होती है, तो शेष 100 यूनिट बिजली ग्रिड में जा सकती है। आयोग ने उपभोक्ताओं और यूपीसीएल के बीच वित्तीय व्यवस्था को भी स्पष्ट किया है। यदि उपभोक्ता द्वारा ग्रिड में भेजी गई बिजली उसकी खपत से अधिक होती है, तो अतिरिक्त बिजली का भुगतान या समायोजन नियमानुसार किया जाएगा। इससे घरेलू उपभोक्ता केवल बिजली की बचत ही नहीं कर सकेंगे, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन का आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।
 
ध्यान दें: अतिरिक्त बिजली का भुगतान और समायोजन लागू टैरिफ, नेट मीटरिंग या अन्य स्वीकृत व्यवस्था तथा संबंधित नियमों के अनुसार होगा। इसे हर स्थिति में एक समान दर पर नकद भुगतान नहीं समझना चाहिए।
 
समय से पहले बिजली बिल जमा करने पर मिलेगी छूट
 
आयोग ने सोलर उपभोक्ताओं के लिए एक और महत्वपूर्ण सुविधा स्पष्ट की है। अब पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को भी सामान्य बिजली उपभोक्ताओं की तरह समय से पहले बिल का भुगतान करने पर नियमानुसार अर्ली पेमेंट डिस्काउंट यानी अग्रिम भुगतान छूट का लाभ मिलेगा। इसका फायदा उन उपभोक्ताओं को होगा, जो अपना बिजली बिल निर्धारित समय से पहले जमा करते हैं।
 
पुराना बिजली मीटर भी रहेगा सुरक्षित
 
सोलर सिस्टम लगाने के बाद बिजली की सही खपत और उत्पादन का हिसाब रखना बेहद जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने मौजूदा बिजली मीटर को चेक मीटर के रूप में सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी की है। इससे ऊर्जा की रीडिंग और बिजली के हिसाब-किताब में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। उपभोक्ता द्वारा ग्रिड से ली गई बिजली और ग्रिड को भेजी गई अतिरिक्त बिजली का सही रिकॉर्ड रखना इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
 
क्या है पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?
 
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी रूफटॉप सोलर योजना है। इसका उद्देश्य देश के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के माध्यम से घरों में सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने, पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने और उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को घटाने का प्रयास किया जा रहा है। योजना का लक्ष्य देशभर में एक करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर सुविधा पहुंचाना है।
 
योजना के तहत कितनी मिलती है सब्सिडी?
 
केंद्र सरकार की निर्धारित सब्सिडी व्यवस्था के अनुसार सामान्य राज्यों में घरेलू उपभोक्ताओं को:
 
1 किलोवाट सोलर सिस्टम पर ₹30,000 की केंद्रीय वित्तीय सहायता।
2 किलोवाट सोलर सिस्टम पर ₹60,000 की केंद्रीय वित्तीय सहायता।
3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 की केंद्रीय वित्तीय सहायता।
सब्सिडी की वास्तविक पात्रता और राशि योजना के वर्तमान नियमों तथा स्वीकृत सिस्टम क्षमता पर निर्भर करती है।
 
उत्तराखण्ड के उपभोक्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
 
उत्तराखण्ड में बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में रूफटॉप सोलर के माध्यम से बिजली खर्च कम करने की संभावनाएं हैं। हालांकि, कई बार कागजी प्रक्रिया, मीटर टेस्टिंग और बिजली विभाग से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के इस फैसले से इन प्रक्रियाओं को आसान बनाने में मदद मिलेगी। इससे विशेष रूप से उन लोगों को लाभ मिल सकता है, जो पहली बार अपने घर में सोलर सिस्टम लगवाने की योजना बना रहे हैं।
 
सोलर पैनल लगवाने के लिए कैसे करें आवेदन?
 
पीएम सूर्य घर योजना के तहत आवेदन करने के लिए उपभोक्ता केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
 
आवेदन की सामान्य प्रक्रिया:
 
आधिकारिक वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in पर जाएं।
 
उपभोक्ता के रूप में रजिस्ट्रेशन करें।
 
अपना राज्य उत्तराखंड और संबंधित बिजली वितरण कंपनी चुनें।
 
बिजली उपभोक्ता खाता संख्या और मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
 
आवेदन जमा करने के बाद संबंधित DISCOM की स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करें।
 
पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकृत वेंडर के माध्यम से सोलर सिस्टम लगवाएं।
 
इंस्टॉलेशन के बाद निर्धारित निरीक्षण, मीटरिंग और कमीशनिंग की प्रक्रिया पूरी करें।
 
पात्रता के अनुसार पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी प्राप्त करें।
 
आवेदन से पहले पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देश और यूपीसीएल की शर्तें जरूर जांच लें।