वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की घूर्णन गति (अपनी धुरी पर घूमने की गति) धीरे-धीरे कम होती जा रही है, जिसके कारण दिन की अवधि में बहुत ही मामूली लेकिन लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में एक दिन 24 घंटे का होता है, लेकिन आने वाले करोड़ों वर्षों में यह बढ़कर 25 घंटे का हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परिवर्तन बेहद धीमी गति से हो रहा है। पृथ्वी की गति पर मुख्य रूप से चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव पड़ता है, जिससे ज्वार-भाटा उत्पन्न होता है और यही प्रक्रिया पृथ्वी की घूर्णन गति को धीरे-धीरे धीमा कर रही है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिन की अवधि में एक घंटे की बढ़ोतरी होने में करीब 20 करोड़ (200 मिलियन) साल का समय लगेगा। यानी यह बदलाव इतना धीमा है कि इसे मानव जीवनकाल में महसूस करना संभव नहीं है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया पृथ्वी के विकास का हिस्सा है और इससे भविष्य में समय मापन की पद्धतियों में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल वैज्ञानिक इस परिवर्तन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।