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पौड़ी के पर्यटन को लगेंगे पंख, पहाड़ों में दौड़ेगी हिमालयन कार रैली; रात में रोमांच बढ़ाएगी नाइट सफारी

by badhtauttarakhand
  • पौड़ी में पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार, हिमालयन कार रैली और नाइट सफारी से खुलेंगे संभावनाओं के द्वार
  • 4 और 5 दिसंबर को जनपद के पर्वतीय रास्तों से गुजरेगी हिमालयन कार रैली, खोलाचौरी-अदवाणी के बीच 15 दिन का पायलट प्रोजेक्ट; पर्यटन के साथ रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा

पौड़ी। उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर पौड़ी गढ़वाल को नई पहचान दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। जनपद की प्राकृतिक सुंदरता, दुर्गम पर्वतीय रास्तों और अनछुए पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए हिमालयन कार रैली-2026 और नाइट सफारी जैसी नई पर्यटन गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। उत्तराखंड में पहली बार आयोजित होने जा रही हिमालयन कार रैली 4 और 5 दिसंबर को पौड़ी के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेगी। वहीं, खोलाचौरी से अदवाणी तक 15 दिवसीय पायलट परियोजना के रूप में नाइट सफारी शुरू करने की योजना है। इन पहलों से पर्यटन को नई गति मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित होने की उम्मीद है।

4-5 दिसंबर को पौड़ी के पर्वतीय रास्तों पर दौड़ेंगी रैली की गाड़ियां

हिमालयन कार रैली-2026 का आयोजन 2 से 6 दिसंबर तक उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के तत्वावधान में किया जाएगा। रैली के माध्यम से प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य, पर्वतीय मार्गों और पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास होगा। जनपद पौड़ी में 4 और 5 दिसंबर को रैली के विभिन्न चरण आयोजित किए जाएंगे। तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित रूट, समय-सारणी, सड़क की स्थिति, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

रैली 3 दिसंबर को रामनगर से शुरू होगी, जहां वाहनों की स्क्रूटनी और प्रतिभागियों की ब्रीफिंग की जाएगी। 4 दिसंबर को रैली मोहान-मर्चुला होते हुए जनपद में प्रवेश करेगी। इसके बाद क्यार्की-मल्ली से नैनीडांडा तथा सेमरी-तल्ली सहित नैनीडांडा, लैंसडाउन, दुगड्डा और यमकेश्वर क्षेत्र के निर्धारित मार्गों से गुजरेगी। रैली के जरिए इन क्षेत्रों के प्राकृतिक नजारों और पर्वतीय पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर मिलेगा।

सड़क, सुरक्षा और आपात व्यवस्थाओं पर प्रशासन का फोकस

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित मार्गों की प्रारंभिक रेकी की जा चुकी है। अब 21 और 22 नवंबर को प्रशासन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग तथा पीएमजीएसवाई की संयुक्त टीम अंतिम रेकी करेगी। इस दौरान मार्गों की स्थिति, संवेदनशील स्थलों और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कमियों को दूर किया जाएगा।

डीएम ने लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को रैली मार्गों पर सड़कों की मरम्मत, आवश्यक सुधार और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस विभाग को यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को नजदीकी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं, एंबुलेंस और स्वास्थ्य टीमों की तैनाती के साथ हेली एंबुलेंस की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग को राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता तथा त्वरित प्रतिक्रिया की योजना तैयार रखने को कहा गया है। वहीं, संचार विभाग को रैली मार्गों पर निर्बाध नेटवर्क और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक संचार साधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से तैयारियां समय पर पूरी करने और सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास करने के निर्देश दिए।

खोलाचौरी-अदवाणी के बीच शुरू होगी नाइट सफारी

पौड़ी में पर्यटन के नए अनुभव विकसित करने की दिशा में खोलाचौरी से अदवाणी तक नाइट सफारी शुरू करने की योजना भी बनाई गई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इस संबंध में हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की गई। शुरुआती चरण में इसे 15 दिवसीय पायलट परियोजना के रूप में संचालित किया जाएगा। परियोजना के सफल रहने पर इसे व्यावसायिक रूप से शुरू करने की योजना है।

नाइट सफारी का संचालन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से किया जाएगा। इसके लिए संबंधित लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे पर्यटकों को पौड़ी शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के साथ बेहतर अनुभव उपलब्ध करा सकें। प्रशासन का मानना है कि कार रैली और नाइट सफारी जैसी गतिविधियां जनपद में पर्यटन के नए विकल्प विकसित करेंगी और स्थानीय लोगों की भागीदारी से रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में एएसपी संचार अनूप काला, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, सीएमओ डॉ. मेघना असवाल, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, पीएमजीएसवाई के अभियंता अरुण बहुगुणा, डीडीएमओ दीपेश काला सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।