- सुझावों के साथ यूसीसी पंजीकरण को बनाया जाएगा और सरलः डॉ. वी षणमुगम
- यूसीसी के महानिबंधक डॉ. वी षणमुगम ने जिला कार्यालय सभागार में ली बैठक
रुद्रप्रयाग : समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के सफल क्रियान्वयन को लेकर सचिव वित्त एवं महानिबंधक यूसीसी उत्तराखंड शासन, डॉ. वी. षणमुगम ने आज जनपद रुद्रप्रयाग में जिला कार्यालय सभागार में यूसीसी पंजीकरण संबंधी समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, नोडल अधिकारी, निबंधकों एवं उपनिबंधकों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही एवं परस्पर संवाद किया गया।
बैठक के दौरान महानिबंधक ने यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की और उपनिबंधकों की शंकाओं का समाधान करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण प्रक्रिया को जटिल बनाने के बजाय इसे अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनाना आवश्यक है, जिससे अधिक से अधिक लोग सहजता से पंजीकरण करा सकें। महानिबंधक षणमुगम ने रुद्रप्रयाग जिले में यूसीसी पंजीकरण की प्रगति को लेकर जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि कम जनसंख्या वाला जिला होने के पश्चात भी रुद्रप्रयाग जिले में अन्य कई जिलों से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जो जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
बैठक में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने जनपद में यूसीसी पंजीकरण की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जनपद में यूसीसी पंजीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और अब तक 6,382 से अधिक यूसीसी पंजीकरण पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले की कुल जनसंख्या के अनुपात में लगभग 20 प्रतिशत लोगों का पंजीकरण हो चुका है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि जनपद में 60 प्रतिशत से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने भी अपने यूसीसी पंजीकरण पूरा कर लिया है। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम स्तर तक यूसीसी पंजीकरण अभियान को गति देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत, जनपद स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो बाद में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाते हुए जल्द ही 100 प्रतिशत पंजीकरण पूरा कर लिया जाएगा।
महानिबंधक डॉ. वी. षणमुगम ने बैठक के दौरान उपनिबंधकों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अधिकारी जांच अधिकारी बनने के बजाय आवेदकों की दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर त्वरित स्वीकृति प्रदान करें। यदि किसी दस्तावेज को लेकर संदेह की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित विभाग से सत्यापन कराया जाए, लेकिन अनावश्यक विलंब से बचा जाए।उन्होंने कहा कि विवाह पंजीकरण के दौरान प्रतिबंधित श्रेणियों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि कानून का पालन सुनिश्चित हो सके। साथ ही, उपनिबंधकों को यह निर्देश भी दिया गया कि वे आमजन को अधिक से अधिक सुविधा देने की मानसिकता से कार्य करें।महानिबंधक ने यह भी कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। इस संहिता के तहत हर समुदाय की भावनाओं, रीति-रिवाजों और परंपराओं का पूरा सम्मान किया गया है, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। इसके अलावा, महानिबंधक ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि पंजीकरण प्रक्रिया से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (थ्।फे) का एक विस्तृत फ्लो चार्ट तैयार कर उपनिबंधकों को उपलब्ध कराया जाए। इससे किसी भी समस्या के उत्पन्न होने पर उपनिबंधक त्वरित समाधान निकाल सकें और पंजीकरण प्रक्रिया बाधित न हो।बैठक के अंत में महानिबंधक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा और तत्परता से निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति पंजीकरण से वंचित न रहे और आमजन को इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष घिल्डियाल, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, उपजिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया, प्रशिक्षु उपजिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, प्रशिक्षु उपजिलाधिकारी याक्षी अरोड़ा, ईओ अगस्त्यमुनि निकिता भट्ट, ईओ रुद्रप्रयाग सुनील सिंह राणा, नगर पंचायत तिलवाड़ा ईओ कुमारी मनीषा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।